ऑनलाईन बात कर मिली लाईफटाईम सेक्स पार्टनर


हेलो दोस्तो आज मे आपको एक बहोत ही हसीन कामुक जोश ए जवानी भरी कहानी सुनाने जा रहा हुं।आपको के जरूर पसंद आएगी।
यह उन दिनो कि बात है जब मे ऑनलाईन के बारे मे कुछ नही जानता था।मै सिर्फ काॅल्स लेना जानता था।जब मेरे पास नौकिया का 1100 का हॅण्डसेट था।और जह कभी मुझे कोई फाॅर्म भरना होता तो मै पास के सायबर कॅफे मे जाकर फाॅर्म भरा करता था।तब मुझे बहोत परेशानी होती थी लेकिन मै करता था क्योकि मेरे पास और कोई काम नही था।मै जाॅब ढुंढ रहा था।लेकिन मिल नही रहा था।रोज रोज सायबर कॅफे जाने का खर्च घरवाले उठा नही सकते थे ईसलिए बडे भैय्या ने एक लॅपटाॅप खरीदकर दिया।उस लैपटॉप से मैने फिर कई सारी वेबसाईट सर्च की और एक दिन एक दिन मुझे एक जाॅब मिल ही गया।फिर मै उस जाॅब पर काम करने शहर चला गया।शहर कि भीड से मै अनजान था।मै ज्यादा घुलमिल नही पाता था।जाॅब से आकर मै अपने आपको कमरे मे बंद कर लैपटाप पर से पाॅर्न साईट देखने मे व्यस्त रहता था।ऐसा करते करते दिन निकल जा रहे थे।और मेरा मन भी किसी लडकी के साथ संभोग करने के लिए मचल रहा था।
फिर मैने एक दिन वेबसाईट आ रही कॅझ्युअल डेटिंग साईट कि अॅडव्हरटायझींग देखी और वोह साईट ज्वाईन कर दी।वहा बहोत सारी लडकिया थी।जो वेब कॅम कर अपना जिस्म दिखाती थी उनके साथ मै चॅटीग करते बैठता था।चॅटीग करते करते एक लडकी के साथ मेरी पहचान हो गई जिसका नाम विमला था।उसकी तस्वीर तो बहोत खुबसुरत थी।उसकी तस्वीर देखकर मै मुठ मारता था।
अब हम दोनो मे बहोत लगाव हो गया था हम एक दुसरे घंटो बाते करते बैठते थे।
बातो ही बातो मै उसने मुझे अपना whats app number दे दिया।फिर हम दोनो वॅटस अॅप पर ही बाते करते बैठने लगे।
वोह अकेली थी उसने बताया कि उसके घर मे कोई नही है वोह अकेली है और उसके माॅ बाप गुजर गये है।ईसलिए विमला वेबसाईट पर अपना जिस्म दिखाती थी।वोह बहोत परेशान थी।ईसलिए एक दिन मैने उसे विडीओ काॅल किया और हमने आमने सामने बात कि और पता चला कि उसे किसीके सहारे के जरूरत है।जो उसे ईस दलदल से निकालकर अच्छी जिंदगी जिने कि राह पर ले जा सके।ऐसा शख्स वोह मुझमे देख रही थी।ईसलिए वोह हररोज मुझे काॅल करती मेरे कहने पर अपना जिस्भ भी मुझे दिखाती।मुझे उसे नंगा देखकर बहोत मजा आता था।मै मन ही मन मै उसे मिलना चाहता था।और उसे अपना बनाकर हर रोज उसके साथ सेक्स और वोह सब करना चाहता था जो एक लडका लडकी के साथ करना चाहता है।
ईसलिए मै भी उसे अपनी बातो मे उलझाकर रखता था ताकि वोह मुझसे रूठ न जायें।
आखीर कार न रहते हुअ मैने उसे उसका पत्ता पुछ ही लिया और उसे मिलने ख्वाईश जारी कि उसने अपना अॅड्रेस दिल्ली का बताया जो कि मेरे नौकरी के ठिकाणे से बहोत दुर था।उसने वॅटस अॅप पर मुझे उससे मिलने कि अनुमती दे दी थी।
फिर कुछ दिनो तक मै सोचता रहा और एक दिन मै अपना बैग भरकर अपनी नौकरी पर कुछ दिनों कि लीव नीकालकर चला गया।
मैने अपनी टु व्हिलर पर वहां जाने का फैसला किया और मै अपनी गाडी कि टंकी पुरी भरकर वहां चलता बना।रास्ते मै खाते पिते विमला से फोनपर बात करते हुअ दिल्ली निकल रहा था।रास्ते मे भी मै कही रूककर विमला विडीओ काॅल करता अपना जिस्म दिखाने के लिए कहता।और आगे का सफर खुशी खुशी पुरा कर लेता।कुछ दिनो बात मै दिल्ली पहोच गया और वहां पोहचते ही मैने विमला को आखरी काॅल कि और वोह मुझे लेने के उसके घर अॅड्रैस फिर से मॅसेज कर दिया।मै दिल्ली के सडको पर अॅडैस पुछते पुछते उसके घर तक चला गया।उसका घर एक बहोत ही रहीस ईलाके मे था जिसे बाहर से देखकर मेरा मन तो मचलने लगा।मुझे अंदर से गुदगुदी होने लगी।उसके बताये अॅड्रैस पर पहोचने पर मैने उसे फिर से काॅल किया फिर वोह घर से भागते हुअ बाहर आई और मकान खे गेट पर हसते हुए खडी हो गई।फिर उसने मुझे घर मे वेल कम किया और मै अपनी गाडी गेट से लेकर अंदर चला गया।जैसै ही मै गाडी से उतरा उसने मुझे बडा कडा hug किया।जिसने मेरे रोम रोम मे खलबली मचा दी।मुझे जिस दिन का ईंतजार था वोह दिन आज आ गया था।
फिर उसने मेरा हाथ पकडा और मुझे घर मे लेकर चली गई।फिर मुझे घर के सौफे पर बिठाकर वह किचन मे चली गई और मेरे लिए काॅफी बनाने लगी।फिर काॅफी बनाकर वह बाहर आ गई अपने हाथ मे दो कप काॅफी के लेकर आते वक्त उसने मुझसे मेरे सफर के बारे मे पुछा।मैने उसने जवाब देने की कोशीश कि लेकिन उसने काॅफी मेरे हाथ मे थमा दी थी और बात करते करते उसमे से थोडी काॅफी मेरे शर्ट पॅन्ट पर गिर गई फिर मै झट से खडा हो गया।और काॅफी का कप निचे टी पाॅय पर रख दिया।फिर उसने मेरा शर्ट और पेन्ट उतारना शुरू किया।और बोली तूम दुसरे कपडे पहनो मै यह कपडे धोकर रखती हुं।
उसने मेरा शर्ट और पैन्ट दोनो उतार दिये और बाथरूम कि तरफ चली गई वहा रखी वाॅशीग मशीन मे मे कपडे धो दिए और उसने सुखाने के लिए उपर टेरिस पर चली गई।उसके निचे आने तक मै उसको ही सोच रहा था ईसलिए मेरा लंड खडा हो गया और अंडरविअर से दिख रहा था जैसै ही विमला सिडीयो से उतरी मैमै शर्माकर खडा हो गया था।मेरे पास आकर उसने मुझे घुमाया तो उसने मेरा बडासा लंड देखा और चौक गई।फिर बीना झिझके उसने मेरी अंडर विअर मे हाथ डाला और मेरे लंड को बाहर निकालकर चुसने लगी।फिर उसने मेरा लंड चुसने का मजा मुझे दिया।फिर मै सोफे पर बैठ गया और उसे बैठै बैठै ही बहोत चोदा।
उस दिन से लेकर आज तक हम साथ मे ही रहते है और विमला के घर को हमने पुरा का पुरा का सेक्स हाऊस बना डाला।घर के कोने कोने मे हमने सेक्स किया।फिर हम दोनोने अपना साथ कभी नही छोडा।